जीवाणु और विषाणु से होने वाले रोगो को याद करने की ट्रिक


जीवाणु और विषाणु से होने वाले रोगो को याद करने की ट्रिक

जीवाणु और विषाणु से होने वाले रोग:-

हेलो दोस्तों उम्मीद करता हूँ की आप लोगो की तैयारी काफी अच्छी चल रही होगी .इसे और स्मार्ट बनाने के लिए जीवाणु और विषाणु से होने वाले रोगो को याद करने का ट्रिक लेकर आया हूँ जो काफी महत्वपूर्ण है क्यों कि इससे हर एक एग्जाम में क्वेश्चन बनते है और इसे याद करने में काफी कन्फूज़न होती है बहुत ही आसान होता है .इसी कन्फूजन को आज मै ट्रिक के माध्यम से दूर करने वाला हूँ. इस ट्रिक को जानने के बाद आप जीवाणु रोग तथा विषाणु रोग के क्वेश्चन आसानी से ट्रिक कर पाएंगे .

जीवाणु:-

जीवाणु एक एककोशिकीय जीव है। इसका आकार कुछ मिलिमीटर तक ही होता है। इनकी आकृति गोल या मुक्त-चक्राकार से लेकर छड़, आदि आकार की हो सकती है। ये अकेन्द्रिक, कोशिका भित्तियुक्त, एककोशकीय सरल जीव हैं जो प्रायः सर्वत्र पाये जाते हैं। ये पृथ्वी पर मिट्टी में, अम्लीय गर्म जल-धाराओं में, नाभिकीय पदार्थों में, जल में, भू-पपड़ी में, यहां तक की कार्बनिक पदार्थों में तथा पौधौं एवं जन्तुओं के शरीर के भीतर भी पाये जाते हैं
जीवाणु और विषाणु से होने वाले रोगो को याद करने की ट्रिक

जीवाणुओं से होने वाले रोगों को याद करने की ट्रिक
Trick - डी.पी.सिंग का कुटनी हैं
डी- डिप्टीरिया
पी-प्लेग
सिंग-सिलफिस
का-कालीखांसी
कु-कुष्ट
टी-टिटनेस ,टाइफाइड 
नी- निमोनिया 
हैं-हैजा
विषाणु:-विषाणु अकोशिकीय अतिसूक्ष्म जीव हैं जो केवल जीवित कोशिका में ही वंश वृद्धि कर सकते हैं।ये नाभिकीय अम्ल और प्रोटीन से मिलकर बने होते हैं, शरीर के बाहर तो ये मृत अवस्था में होते हैं परंतु शरीर के अंदर जीवित हो जाते हैं। इन्हे क्रिस्टल के रूप में इकट्ठा किया जा सकता है। एक विषाणु बिना किसी सजीव माध्यम के पुनरुत्पादन नहीं कर सकता है। जब भी एक जीवित कोशिका के संपर्क में आता है उस जीव की कोशिका को भेद कर आच्छादित कर देता है और जीव बीमार हो जाता है। एक बार जब विषाणु जीवित कोशिका में प्रवेश कर जाता है, वह कोशिका के मूल RNA एवं DNA की जेनेटिक संरचना को अपनी जेनेटिक सूचना से बदल देता है और संक्रमित कोशिका अपने जैसे संक्रमित कोशिकाओं का पुनरुत्पादन शुरू कर देती है।
जीवाणु और विषाणु से होने वाले रोगो को याद करने की ट्रिक

विषाणु से होने वाले रोगों को याद करने की ट्रिक

Trick - ए छोटी और बड़ी माता के कहने पर रेखा हमें डंडे से पिट गई 
ए-एड्स
पर- पोलियो  ,पीलिया 
रे-रेबीज
खा-खसरा
ह-हर्पीज 
मे-मेमिनजाइटिस 
डंडे-डेंगू
ट-ट्रेकोमा
ग-गलशोथ
ई-इंलफुएन्जा

प्रोटोजोवा

प्रोटोज़ोआएक एककोशिकीय जीव है। इनकी कोशिका प्रोकारिएट्स प्रकार की होती है। ये साधारण सूक्ष्मदर्शी से आसानी से देखे जा सकते हैं। कुछ प्रोटोज़ोआ जन्तुओं या मनुष्य में रोग उत्पन्न करते हैं, उन्हे रोगकारक प्रोटोज़ोआ कहते हैं। कुछ प्रोटोजोआ लवक में भी पाया जाता है।

प्रोटोजोवा से होने वाले रोग

मलेरिया
पायरिया
सोने की बीमारी 

अनुवांशिक बीमारिया :- 

वे बीमारिया जो हमें अपने माता पिता से आती है वे अनुवांशिक बीमारियां कहलाती है.जैसे-
वर्णान्धता (color vission)
हिमोफिलिया 
अल्ज़ाइमर
दोस्तों उम्मीद करता हूँ कि आप लोग रोग से सम्बन्दित प्रशन आसानी से कर पाएंगे ,

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